अमित शर्मा

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गुरुवार, 27 मई 2010

ओ पथिक संभलकर जइयो उस देश ------------ अमित शर्मा

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ओ पथिक संभलकर जइयो उस देश महा ठग बैठ्यो है धार ग्वाल को भेष टेढ़ी टेढ़ी चाल चले,अरु चितवन है टेढ़ी बाँकी  टेढ़ी हाथ धारी टेढ़ी तान सुनावे बां...
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