अमित शर्मा

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गुरुवार, 7 नवंबर 2013

सत्पुरूषों की एकमात्र गति ! मैं आपको नमस्कार करता हूँ

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।।श्रीअत्रि-मुनिरूवाच।। नमामि भक्त-वत्सलं, कृपालु-शील-कोमलम्। भजामि ते पदाम्बुजं, अकामिनां स्व-धामदम्।।1 निकाम-श्याम-सुन्दरं, भवाम...
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