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भारत भारती वैभवं
कहानी नहीं हकीकत
समाज - सरोकार
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गुरुवार, 7 नवंबर 2013
सत्पुरूषों की एकमात्र गति ! मैं आपको नमस्कार करता हूँ
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।।श्रीअत्रि-मुनिरूवाच।। नमामि भक्त-वत्सलं, कृपालु-शील-कोमलम्। भजामि ते पदाम्बुजं, अकामिनां स्व-धामदम्।।1 निकाम-श्याम-सुन्दरं, भवाम...
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