बुधवार, 29 सितंबर 2010

आई एम् २४ इयर्स ओल्ड.........गौरव अग्रवाल को जन्मदिन की बधाई !

आज सन्डे की सन्डे लाइफ के नए फंडे देने वाले गौरव भाई का अवतरण दिवस है. एक उर्जावान युवा की उर्जा को उत्सर्जित होते चौबीस साल हो गए है, ईश्वर इस उर्जा का प्रवाह अनंत तक बनाये रखे  , शायद गौरव के लिए ज्यादा कुछ बताने की जरुरत तो है नहीं. ब्लॉग जगत में ऐसा कौन होगा जो उनकी गंभीर अध्यनशीलता की परिचायक टिप्पणियों का आनंद न ले चुका हो. किसी भी पोस्ट की विषयवस्तु को खोलकर जिस बारीकी से गौरव बाहर ला देते है, वैसी प्रतिभा कम ही देखने को मिलती है. और जिस तरीके से अपनी हर एक पोस्ट में नए विचारों से एक सार्थक चर्चा का सूत्रपात करतें है काबिले तारीफ़ है.
उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई. देते हुए ईश्वर से यही प्रार्थना है >>>>>>>>

पश्येम शरदः शतं जीवेम शरदः शतं श्रुणुयाम शरदः शतं प्रब्रवाम शरदः शतमदीनाः स्याम शरदः शतं भूयश्च शरदः शतात्


38 टिप्‍पणियां:

  1. गौरव भाई को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ.

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  2. गौरव अपने नाम के अनुरूप ही गौरवशाली हैं , मैं तीन लोगों से काफी प्रभावित हुआ हूँ अमित शर्मा , गौरव अग्रवाल और प्रतुल लगता है तीनों ही एक गुरु के शिष्य हैं :-)
    ऐसे गौरवशाली पुत्र के लिए, गौरव के माता पिता को मेरी हार्दिक बधाई !

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  3. .

    Dear Gaurav,

    May heaven's choicest blessings be showered on you.

    Happy Birthday.

    .

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  4. अमित आज याने कि २९. सितम्बर को गौरव जी का जन्म दिन है. गौरव जन्म दिवस मुबारक हो. अब यार सन जरून मुझे मेल कर देना. आज ही के दिन मेरे एक और निकटवर्ती का जन्म १९८२ में हुआ था. एक बार फिर से बधाई.

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  5. Gaurav Ji ko Janamdin ki bahut bahut badhaai aur shubhkaamnaayen!!!

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  6. गौरव जी एक और बात मैं आपका जन्मांक निकल रहा था तो २९ तारीख से वो कुछ इस तरह से निकल कर मेरे समक्ष आया.

    नौ दो ग्यारह
    एक और एक दो

    मतलब कि आप दो नम्बरी हो........ क्या जी सही कहा... :-)

    (वैसे मैं जन्मांक, भाग्यांक और मूलांक में क्या फर्क है अभी समझ नहीं पाया हूँ. )

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  7. आपके बजरिये गौरव को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं !

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  8. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  9. गौरव जी की विचारशीलता को समर्पित एक कविता :
    नवजात बच्चे
    _________
    नवजात बच्चे
    लगते अच्छे
    निर्विवादित सत्य है यह.
    पूछते — अंतर, दिखाकर
    — जाति, उनका धर्म क्या है?

    "नहीं उत्तर पास मेरे
    आपकी नज़रों में कट्टर.
    जातिवादी मैं रहूँगा.
    चाहे चूमूँ गाल उनके
    या ह्रदय वात्सल्य भर लूँ.
    नयन पर कुछ चमक लाये
    प्रश्न पूछूँ प्रश्न बदले.

    "बीज से बन वृक्ष जाए,
    बीज उत्तम खोजते क्यों?
    बीज के अन्दर छिपा
    एक पेड़ पूरा.
    पर अधूरा —
    ज्ञान ये तो.
    'कल्प' ही होगा
    नहीं 'विष' होने पावेगा
    — करूँ विश्वास कैसे मैं."

    [प्रायः कुछ सरकारी विज्ञापनों में और कुछ NGO और कुछ विचारकों की तरफ से जातीय और धार्मिक सौहार्द हेतु इस तरह कोशिश की जाती है कि वे खून के लाल रंग के आधार पर सभी को एक-समान बताते हैं. और चाहते हैं कि उन्हें मौलिक अधिकारों के अलावा भी अतिरिक्त छूट दी जाए. यदि खेत में हम इच्छित फसल के अलावा खरपतवारों के प्रति जैनीय अहिंसा-वृत्ति बनाए रखेंगे तो फसल को तो पूरी खाद ही नहीं मिल पायेगी. दूसरी बात ये कि हम जीव-मात्र से प्रेम करने वाले 'कीटनाशकों' के प्रयोग की बात क्यों करते हैं.]
    __________
    मैं इस बातचीत से आपसे जुड़ पाया तो मेरे लिये आपका जन्म-दिवस अविस्मरणीय हो जाएगा.

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  10. गौरव जी को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं !

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  11. गौरव जी को ढेरो बधाई और असीम शुभकामनाऎँ!

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  12. .

    प्रतुल जी ,

    " सब धान २२-पसेरी " नहीं होता। अच्छी फसल के लिए सामान्य बातों के अतिरिक्त दो बातें ख़ास जरूरी हैं--

    * Crop rotation [ अलग-अलग तरह की फसल की बुवाई , जिससे मिटटी में निट्रोजन , आदि की कमी न हो जाए।]--
    * Weeding [ खर-पतवार को निरंतर अलग करते रहना ]

    ताकि एक परफेक्ट बैलंस बना रहे। गेहूं के साथ घुन न पिसे । गेहूं का संरक्षण और घुन का पिसना ही मानव हित में है।

    जितना सन्दर्भ समझ सकी हूँ , उसके अनुसार , अच्छे-बुरे , उपयोगी-अनुपयोगी के भेदों को जरूर समझना चाहिए। सभी जीवों से प्रेम के चलते , यदि कीटनाशक नहीं इस्तेमाल किये गए तो मनुष्योपयोगी फसल का नाश होता है । चुनना तो पड़ेगा ही। फसल [ जिसपर मानव-जीवन निर्भर है ]बचाएं या फिर कीट को ?

    खैर अपनी अपनी पसंद है। या फिर कह लीजिये , अपनी-अपनी समझ।

    .

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  13. गौरव जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ.

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  14. .
    .
    .
    मेरे मित्र गौरव को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनायें...


    ...

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  15. गौरव जी को ढेरो बधाई और असीम शुभकामनाऎँ!

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  16. गौरव जी को बधाई और शुभकामनाएं ।।

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  17. @ अमित भाई

    आपके ह्रदय से निकली उन्मुक्त प्रशंसा से अभिभूत हूँ.... ह्रदय से धन्यवाद ...सच बताऊँ तो ये पोस्ट देख कर मैं घबरा गया था
    शायद इसलिए की मेरे आभासी व्यक्तित्व को इस तरह सम्मान पहली बार मिला है .. अभी तक अपने गुण देखने तो प्रारंभ नहीं किये हैं पर आपने लिखा है तो सच लिखा होगा ये मान लेता हूँ ....:) [ये भी हो सकता है ... बच्चा [गौरव] कुछ भी बोल देता है उसमें लोजिक निकल आता है , उसकी किस्मत अच्छी है :)]

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  18. @ अमित जी , समीर जी, सतीश जी, अनुराग जी , दिव्या जी, गिरिजेश जी , सन्जीव जी, विचारी जी, सुलभ जी, मिश्र जी, प्रतुल जी , वंदना जी, संगीता जी, सुज्ञ जी , पंडित जी, धीरू जी , भाटिया जी, मित्र प्रवीण , मित्र महक, महफूज भाई , संगीता जी

    इस जन्म दिवस पर आपके द्वारा मिले स्नेह और आशीर्वाद से मैं अभिभूत हूं ......आभारी हूँ....मुझे नहीं पता की किन शब्दों में मैं अपनी भावनाएं व्यक्त करूँ ?:) मुझे उम्मीद है आप सभी समझ सकते हैं , इससे साबित होता है मुझे लिखना कुछ ख़ास नहीं आता , यहाँ पर मैं अज्ञानी सिद्द होता हूँ ...फिर भी आप सभी अपना स्नेह बनाएं रखेंगे तो शायद मैं भी एक दिन अपने फंडामेंटल्स की खोज में सफल हो पाउँगा :)

    आभार :)

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  19. @ आदरणीय सतीश जी

    प्रणाम स्वीकार करें

    @विचारी जी

    २ का मतलब मैं तो ये निकलता हूँ की मैं बात के दोनों पक्ष देखता हूँ , ध्यान दीजिये २ ९ = दो नौ = दोनों [पक्ष ] :))
    हम तो नहीं जानते जी अंक शास्त्र ...हम तो बस ये जानते हैं की आप सभी का आशीर्वाद हो और फंडे सही हों तो भविष्य उज्जवल बनाया जा सकता है

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  20. @प्रतुल जी

    छूट तो "मानवता" जैसे किसी भी नाम पर दी जा सकती है [उदाहरण शिव जी के नाम पर भांग भी पी जा सकती है तो अपमान का विष भी ] मैं मन की छूट के सख्त खिलाफ हूँ ... मानवता बंधन है जिम्मेदारी है .. अगर सभी उचित और सुख को एक करने का फंडा सीख गए होते तो आज कितनी शांति होती ?:)

    ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
    तेरे दुःख और दर्द का मुझ पर भी हो ऐसा असर
    तू रहे भूखी तो मुझसे भी न खाया जाए !!
    ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

    खेत और देश इतनी आसानी से एक साथ नहीं जोड़े जा सकते

    मुझे खरपतवार को हटाने की चिंता प्राथमिकता नहीं लगती ... मुझे लगता है की प्राथमिक है
    १. उसे पहचाने कैसे [खरपतवार है या फसल है ]?? :) हर रोज नयी प्रकार खरपतवार पैदा होती है .. हमारे आस पास कईं प्रकार की खरपतवारें हैं [सभी को हटाना जरूरी नहीं है, कुछ को ठीक भी किया जा सकता है ] , या
    २. नयी फसल को खरपतवार के प्रभाव से कैसे बचाया जाये ?? कीटनाशकों का प्रयोग तो कम हो तो बेहतर है क्योंकि वो भारत माता के स्वास्थ्य को भी हानि पहुंचाते हैं , और नयी फसल को भी दूषित करते हैं , हर खेत में हमेशा कुछ समस्याएं होती है , बस नाम बदलता जाता है , उत्तम इम्यून सिस्टम सबसे बेहतर तरीका ही बचाव का ....आप जानते हैं ये सिर्फ कृष्ण के विचारों में है वर्ना अर्जुन तो अक्सर समय पर कन्फ्यूज होते रहे हैं और हाथ में कीटनाशक लिए कहते हैं "केशव, मैं अपने ही खेत में कैसे छिडकाव कर दूँ ??" .. अर्जुन बहुत हो लिए अब कृष्ण को ढूढना जरूरी है, या दाऊ भी अक्सर चापलूस दुर्योधन के वश में आ जाते हैं


    आधा पचा भोजन विष होता है , इसी तरह वह ज्ञान जो आत्म सात न किया गया हो , विष बन सकता है

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  21. प्रतुल जी
    आपका खरपतवार वाला उदाहरण मुझे इसलिए अपूर्ण लगता है क्योंकि इस आधार पर कोई ये भी कह सकता है

    "खरपतवार को भले ही किसान बेकार समझ खेतों से बाहर करते रहे हों, लेकिन इसके इतने लाभ हैं कि यदि ये मिट गए तो ऐसी स्थितियां उत्पन्न होंगी, जिससे बड़ी समस्याएं सामने आएंगी। औषधीय गुणों के अतिरिक्त इनके कई अन्य फायदे हैं। इन फायदों की बात की जाए, तो सबसे पहले यह जेनेटिक वैरायटी को सामने लाता है। जबकि एक तरह की फसलें विविधता को समाप्त करती हैं और उसके दुष्परिणाम कहीं-कहीं सामने भी आ रहे हैं।"

    http://www.bhaskar.com/2010/04/20/469037-891561.html

    स्पष्टीकरण
    खेती की ज्यादा बड़ा जानकार नहीं हूँ इसलिए मेरे विचारों को थोड़ा सा मेनेज कर लीजियेगा
    जैसे : मुझे पता नहीं है की खरपतवार को ठीक किया जा सकता है या नहीं ..मैंने तो इंसान के हिसाब से लिख दिया है :)

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  22. हम लेट हो गये भाई लोगों, पर देर हो ही जाती है मुझे।
    एक दिन देर से ही सही, गौरव को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और अमित को साधुवाद।
    छाये रहो भाईयों अपनी अच्छाईयों के साथ।
    पार्टी शार्टी की टेंशन मत लेना, कर लेंगे हिसाब किताब बाद में। बस ये बता दो पार्टी किसके सौजन्य से होगी, गौरव या अमित?

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  23. गौरव जी को बधाई और शुभकामनाएं ।।



    बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

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  24. गौरव जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई ... शुभकामनाएँ ....

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  25. प्रतुल जी,
    @यदि खेत में हम इच्छित फसल के अलावा खरपतवारों के प्रति जैनीय अहिंसा-वृत्ति बनाए रखेंगे तो फसल को तो पूरी खाद ही नहीं मिल पायेगी. दूसरी बात ये कि हम जीव-मात्र से प्रेम करने वाले 'कीटनाशकों' के प्रयोग की बात क्यों करते हैं.]
    -- हम जरा सा गहराई से सोचें तो पायेंगे कि हमने लोभवश प्रकृति पर आस्था का त्याग कर दिया है। ज्यादा फ़सल पानें की लालसा (प्रकृति के अनावश्यक दोहन) ने हमें अत्यधिक हिंसा को प्रेरित किया है जब्कि प्रकृति स्वयं अपनी उपज के लिये खाद और बीज बननें तक सुरक्षा के माक़ूल उपाय करती दृष्टिगोचर होती है।
    जैनीय अहिंसा-वृत्ति के कई आयाम है, वहां भी अनेकांत दृष्टि का उपयोग किया जाता है। कुछ भी पाना जो आवश्यक हो, हानि (पाप या हिंसा) से लाभ (पुण्य या अहिसा) का तुल्नात्मक चिंतन होता है। लाभ का पलडा भारी ही स्वीकार्य होता है।

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  26. प्रिय गौरवमहोदयाय जन्‍मदिवसस्‍य हार्दिक शुभकामना:
    शतं वर्षाणि जीवतु ।
    भगवत: कृपा अहर्निशं भवत: उपरि भवेत् ।
    राष्‍ट्रधर्मस्‍य प्रसाराय प्रचंडसूर्य: भवतु ।
    सनातन हिन्‍दुधर्मस्‍य रक्षणे जीवनार्पणं कर्तुमपि सिद्ध: भवतु ।।

    सुखी भवतु, निरामय: भवतु
    शुभं भवतु,
    जन्‍मदिवसस्‍य हार्दिकी शुभाषया: ।।

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  27. @मो सम कौन जी, शिवम जी, दिगंबर नासवा जी, आनन्द पाण्डेय जी
    आपकी स्नेह और आशीर्वचनो से भरी टिप्पणियों का बहुत बहुत आभार
    इसी तरह स्नेह की छाँव बनाए रखियेगा

    @ मौ सम कौन जी
    अच्छा..... हम तो देसी इश्टाइल में काम करेंगे जी अब
    आपसे "लेट फी" लेंगे और पार्टी करेंगे
    और फाइनली सौजन्य तो हमें ही जाना है :))

    @ प्रिय मित्र आनन्द
    संस्कृत में लिखे स्नेही वचन बेहद सुन्दर और प्रभावी हैं ,
    आभार आपका

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  28. गौरव जी को शुभ कामनाएं । जन्मदिन मुबारक ।

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  29. @Asha Joglekar जी
    इसी तरह मुझे अपना स्नेह और आशीर्वाद प्रदान करते रहिएगा
    आभारी हूँ आपका :)

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